Cambridge IGCSE Hindi as a Second Language 0549 — 2025 Feb/March Paper 1 · Variant 0
0549/10/F/M/25 · 60 marks · ≈68 min
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This document has 16 pages. Any blank pages are indicated. [Turn over NL 341862/1 © UCLES 2025 * 3 5 8 9 3 5 8 5 4 0 * HINDI AS A SECOND LANGUAGE 0549/01 Paper 1 Reading and Writing February/March 2025 2 hours You must answer on the question paper. No additional materials are needed. INSTRUCTIONS ● Answer all questions. ● Use a black or dark blue pen. ● Write your name, centre number and candidate number in the boxes at the top of the page. ● Write your answer to each question in the space provided. ● Do not use an erasable pen or correction fluid. ● Do not write on any bar codes. ● Dictionaries are not allowed. INFORMATION ● The total mark for this paper is 60. ● The number of marks for each question or part question is shown in brackets [ ]. Cambridge IGCSE™ , , * 0000800000001 * ¬O. 4mHuOªE`z5W ¬cqU«Q{w¥0©y{ ¥5uUu5euuUE uE5eU
Question paper, page 2
2 0549/01/F/M/25 © UCLES 2025 अ®¯स 1: °±² 1–6 ‘म¯र³´ट स´ भगि²ी न²व´दित¯’ आल´ख को µ®¯²पूव¶क पदिए और पूछ´ िए °±²· क´ उ¸तर िीजिए। ‘म¯र³´ट स´ भगि²ी न²व´दित¯’ आल´ख को µ®¯²पूव¶क पदिए और पूछ´ िए °±²· क´ उ¸तर िीजिए। आयर¹ºड »¼ सन 1867 »¼ ज½»¾ ननवेदिता के बचपन का ना» »ार¿ेट एल¹ज़ाबेथ नोब¹ था। उनके पपता एक पािरी थे। उ½ÀÁने उनको लसखाया कक »ानव जानत की सेवा Àी ईÂवर की सÃच¾ सेवा Àै। »ार¿ेट ने अपने पपता से धाल»Äक संÅकार और आयररश राÆÇवािी िािा Àैल»Èटन से ÅवतंÉता और िेशÊे» की भावना को आË»सात ककया। चार वÌÄ की उÍ »¼ वे अपने »ाता पपता के साथ इंιºड »¼ रÀने आÏ। भौनतकी, क¹ा, संग¾त और सादÀËय का अÐययन करके वे उËतरी वेÈस के एक कोय¹ा खान के ÑेÉ »¼ अÐयापन करने ¹ग¾ं जÀाँ उ½ÀÁने अपने पपता से पवरासत »¼ ल»¹े ग़रीबÁ के ल¹ए सेवा और Êे» भाव को पुनजÒपवत ककया। ¹ंिन »¼ लशÑकÁ के एक स»ूÀ की नई लशÑा पÓनत की चचाÄ से Êभापवत Àोकर वे उसकी सकÔय सिÅय बन गÏ। लशÑा की शुÕआत पाÖय पुÅतकÁ की औपचाररक लशÑा की जगÀ खे¹, ×याया», अव¹ोकन आदि के »ाÐय» से पवØयाÙथÄयÁ के शारीररक और »ानलसक पवकास के नये Êयोग को ×यवÀार »¼ ¹ाने के ल¹ए उ½ÀÁने ¹ंिन »¼ अपना एक ÅवतंÉ Åकू¹ खो¹ा। ¹ंिन के बुपÓज¾पवयÁ के ब¾च वे एक सफ¹ लशÚÑका, ¹ेखखका, स»ाज सेपवका और कुश¹ वÛता के Üप »¼ जान¾ जाने ¹ग¾ं। सन 1895 »¼ ¹ंिन »¼ उनकी भÝट Åवा»¾ पववेकानंि से Àुई। पववेकानंि का भाÌण सुनकर उनके Ëयाग और बल¹िान के उिाËत पवचारÁ से वे इतन¾ Êभापवत ÀुÏ कक उ½À¼ ¹गा कक भारत Àी उनकी वाÅतपवक क»Äभूल» Àै। भारत आने पर Åवा»¾ पववेकानंि ने उ½À¼ िीÑा िी और उनका ना» ननवेदिता रखा। बनारस दÀंिू पवÂवपवØया¹य »¼ बंग¹ा पवभाग के अÐयÑ, अ»रनाथ गांगु¹ी के अनुसार, ‘ननवेदिता ना» के िो अथÄ Àो सकते Àº: एक तो जजसने अपने गुÕ के चरणÁ »¼ अपना ज¾वन अपपÄत कर दिया, जबकक िूसरा अथÄ ननवेदिता पर Þयािा सÀी बैठता Àै कक एक ऐस¾ »दÀ¹ा जज½ÀÁने Åɾ लशÑा के ल¹ए अपना ज¾वन अपपÄत कर दिया।’ ननवेदिता »¼ एक जुनून था जजसे Åवा»¾ पववेकानंि ने पÀचाना। वे अपने गुÕ की Êेरणा से Åɾ लशÑा के ÑेÉ »¼ उस स»य उतरीं जजस स»य स»ाज के ¹ोग अपन¾ ¹ड़ककयÁ को Åकू¹ भेजने के पवÕÓ थे। ऐसे सा»ाजजक पवरोध के रÀते Åɾ लशÑा को ÊोËसाÀन िेना ननवेदिता जैस¾ ßढ़ संकÈप »दÀ¹ा के ल¹ए Àी संभव Àो सका। उ½ÀÁने बुननयािी लशÑा से वंÙचत ¹ड़ककयÁ के ल¹ए एक Åकू¹ खो¹ कर सा»ाजजक अस»ानता को स»ाàत करने का Êयास ककया। को¹काता »¼ बंगा¹ी स»ुिाय के ÅवतंÉता सं¿ा» से जुड़े बुपÓज¾पवयÁ के संपकÄ »¼ आकर उ½ÀÁने अपने ¹ेखन Øवारा अखख¹ भारत¾य राÆÇवािी पवचारधारा को ÊोËसाÀन दिया। उनके योगिान को Åव¾कार करते Àुए अवन¾ंáनाथ टैगोर ने कÀा, ‘भारत से सÃचा Êे» करने वा¹े पविेलशयÁ »¼ ननवेदिता का Åथान सबसे ऊँचा Àै।’ * 0000800000002 * , , šĂĿãŕéĢýĪĄşúĿĒıìijČ šĘŎħčŔŅŖğĻĶĿĽŜĎöĨķ ŚŚŚĊêĊŚĪúêĺĺĺêĚĪĺĊ DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN
Question paper, page 3
3 0549/01/F/M/25 © UCLES 2025 [Turn over 1 ननवेदिता का ज½» कÀाँ Àुआ था? … [1] 2 »ार¿ेट ने अपना कायÄकारी ज¾वन कÀाँ शुÜ ककया? … [1] 3 »ार¿ेट ने अपने िािा से Ûया स¾खा? … [1] 4 ननवेदिता को भारत जाने की Êेरणा कैसे ल»¹ी? … [1] 5 ननवेदिता ने लशÑा पÓनत »¼ Ûया पररवतÄन ककया? … [1] 6 भारत को ननवेदिता की Ûया िेन¼ Àº? कोई 3 ल¹खखए। … … … [3] [पूणाŢक 8] * 0000800000003 * , , šĄĿãŕéĢýĪĄşúĿĒįìijČ šĘŏĦąŞʼnņĄĩĥôĉńIJöĸķ ŚŚŊŊĪêĺŊĊúĊĺĺĊúêŊĊ DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN
Question paper, page 4
4 0549/01/F/M/25 © UCLES 2025 अ®¯स 2: °±² 7–15 ‘िţŤ· क¯ संरťण’ ल´ख को µ®¯² स´ पिŦ। °±² 7 स´ 15 क¯ उ¸तर ि´²´ क´ ललए उ²क´ ²ीच´ दिए िए अ²ुŧछ´ि· (A स´ D) मŦ स´ सही अ²ुŧछ´ि चु² कर उसक´ स¯म²´ क´ कोŨũक मŦ सही क¯ न²श¯² लि¯एँ। अ²ुŧछ´ि· को एक स´ अगिक ब¯र चु²¯ ि¯ सकत¯ है। A पृŪव¾ पर से बÀुत से जानवर ¹ुàत Àो गए Àº, पर अभ¾ भ¾ बÀुत से अनोखे जानवर बचे Àº। उन»¼ से गºडा पपछ¹े पाँच करोड़ वÌū से, Êाकृनतक वन का अलभ½न अंग रÀा Àै। यÀ Àाथ¾ जजतना शजÛतशा¹ी और च¾ते जजतना तेज़ िौड़ने वा¹ा जानवर Àै। गºडे के ल¹ए अं¿ेज़¾ का शŬि राइनोसेरस ¿¾क भाÌा के िो शŬिÁ, राइनो अथाÄत नाक और सेरस अथाÄत स¾ंग से ल»¹कर बना Àै। ‘नाक पर स¾ंग वा¹ा जानवर’ उसकी आकृनत को पररभापÌत करता Àै। यÀ 6 फुट से 11 फुट तक ¹ŭबा और Àज़ार से साढ़े त¾न Àज़ार कक¹ो¿ा» तक वज़न वा¹ा Åतनधारी जानवर, Àाथ¾ के बाि सबसे भारी और पृŪव¾ का चौथा सबसे बड़ा उभयचर ज¾व Àै। गºडे का स¾ंग कÔएदटननन ना»क Êोटीन से बना Àै। यÀ वÀी Êोटीन Àै जजससे À»ारे नाखून और बा¹ बनते Àº। B Êाच¾न का¹ »¼ भारत¾य गºडे भारत के संपूणÄ उËतरी इ¹ाकÁ »¼, जजसे लसंधु-गंगा-Ůů»पुÉ का »ैिान कÀते Àº, पाककÅतान से ¹ेकर भारत-ŭयां»ार स¾»ा, नेपा¹, भूटान और बांιािेश तक फै¹े Àुए थे। उनकी संŰया अपने आवास¾य ÑेÉ के पवनाश, रोग और बढ़ते ताप»ान के पररणा» ÅवÜप तेज़¾ से क» Àोत¾ गई। साथ Àी अवैध लशकार उनके अजÅतËव के ल¹ए सबसे बड़ा ख़तरा Àै। अब उनकी गणना संकट¿Åत जानवरÁ »¼ की जा रÀी Àै। भारत »¼ अब यÀ अस» और नेपा¹ की तराई के कुछ सुरÚÑत इ¹ाकÁ »¼ Àी पाया जाता Àै। भारत¾य गºडÁ की िो नतÀाई संŰया अस» के काज¾रंगा नेशन¹ पाकÄ »¼ Àै। उनके संरÑण के ल¹ए स»ुÙचत सुरÑाË»क ÑेÉÁ को बढ़ाने से पयÄटन उØयोग को भ¾ बढ़ावा ल»¹ेगा। एलशया »¼ गºडÁ की त¾न Êजानतयाँ, भारत, सु»ाÉा और जावा के गºडÁ »¼ ल»¹त¾ Àº। इसके अनतररÛत का¹ी और सफ़ेि िो Êजानतयाँ केव¹ अűीका के जंग¹Á »¼ पाई जात¾ Àº। C Êाच¾न का¹ »¼ गºडे के स¾ंग और च»ड़¾ के ल¹ए उसका लशकार करना व¾रता का Êत¾क »ाना जाता था। इसकी »जबूत च»ड़¾ से ढा¹ और कवच बनाए जाते थे। कुछ धारणाओं के अनुसार उसके स¾ंग »¼ खोई Àुई यौवन शजÛत वापपस ¹ाने का गुण Àोता Àै। कुछ ¹ोग बुरी ßजÆट से बचने के ल¹ए स¾ंग से बने ताव¾ज पÀनते Àº। ऐस¾ »ा½यता Àै कक स¾ंग से बने àया¹े »¼ पेय पिाथÄ प¾ने से पवÌ का असर नÀीं Àोता। ककंतु इन »ा½यताओं का कोई Êा»ाखणक आधार नÀीं Àै। गºडे शाकाÀारी जानवर Àº। वे घास के अनतररÛत पेड़ की शाखाएँ, पजËतयाँ, झाड़ड़याँ, फ¹ और पान¾ »¼ तैरते पौधे खाते Àº। D सा»ा½यतः गºडÁ के »ुँÀ »¼ 24 से 32 िाँत Àोते Àº जजनकी संŰया अ¹ग-अ¹ग ÊजानतयÁ पर ननभÄर करत¾ Àै। वे अपने ननच¹े िाँतÁ का उपयोग अपने ÊनतØवंØव¾ से ¹ड़ने के ल¹ए करते Àº। उन»¼ सूंघने और सुनने की Ñ»ता बÀुत अÙधक पर िेखने की शजÛत बÀुत क» Àोत¾ Àै। उ½À¼ 30 »¾टर की िूरी तक की च¾ज¼ िेखने »¼ भ¾ दिÛकत Àोत¾ Àै। गºडे बÀुत अÃछे तैराक Àोते Àº और पान¾ »¼ रÀना पसंि करते Àº। उ½À¼ सूयÄ की रोशन¾ से परेशान¾ Àोत¾ Àै। अपन¾ Ëवचा को सूयÄ की ककरणÁ से बचाने के ल¹ए वे कीचड़ »¼ ¹ोटते Àº। वे अपने शरीर पर »ैना और बगु¹े को »जे से बैठने िेते Àº ÛयÁकक वे उनकी Ëवचा पर पनपे परज¾पवयÁ को खा ¹ेते Àº। इसके अनतररÛत ख़तरा िेखने पर वे गºडÁ को आगाÀ भ¾ कर िेते Àº। परज¾पवयÁ से छुटकारा पाने के ल¹ए वे अपने शरीर को पेड़Á और पËथरÁ पर भ¾ रगड़ते Àº। नर गºडा की अपेÑा »ािा का कि छोटा और वज़न क» Àोता Àै। िोनÁ की नाक पर स¾ंग Àोता Àै। »ािा गºडा की गभाÄवÙध 15 से 16 »ÀीनÁ तक Àोत¾ Àै। नवजात बछड़े की नाक पर स¾ंग नÀीं Àोता Àै। एक बार »¼ एक बÃचे को ज½» िेकर »ािा अपने बÃचे को िो त¾न सा¹ तक अपने साथ रखत¾ Àै। संभोग और ¹ड़ाई को छोड़कर वयÅक नर Êाय: अके¹े रÀते Àº। बछड़Á वा¹ी »ािा स»ूÀ »¼ रÀत¾ Àै। संरÑण »¼ गºडे ¹गभग चा¹ीस वÌÄ तक ज¾पवत रÀते Àº। * 0000800000004 * , , šĂĿãŕéĢýĪĄşúĿĔıìĵČ šĘŏĩąŘŗōġģĬýħèĔĆİķ ŚĊúŊêêĺêêŚĚĺúĊŚêĺĊ DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN
Question paper, page 5
5 0549/01/F/M/25 © UCLES 2025 [Turn over ²ीच´ दिए िए वŲतų®· (7–15) को पदिए तथ¯ कोŨũक मŦ सही क¯ न²श¯² लि¯ कर बत¯इए कक कौ² स¯ अ²ुŧछ´ि (A स´ D) ककस वŲतų® स´ सŴबंगित है। उि¯हरण: पृŪव¾ पर अनेक अनोखे जानवर पाए जाते Àº। A 3 B C D 7 गºडÁ के स¾ंग और खा¹ का कई तरÀ से उपयोग Àोता Àै। A B C D [1] 8 गºडÁ की पाँच Êजानतयाँ Àº। A B C D [1] 9 गºडÁ की प¾ठ पर बैठ कर पѾ उस पर र¼गने वा¹े कीड़े »कोड़े खाते Àº। A B C D [1] 10 ज¹वायु पररवतÄन गºडÁ के अजÅतËव पर संकट के कारणÁ »¼ से एक Àै। A B C D [1] 11 गºडे के ल¹ए ÊयुÛत ¿¾क भाÌा के शŬि से उसके ÅवÜप के बारे »¼ पता च¹ता Àै। A B C D [1] 12 गºडÁ की नŹ बचाने के ल¹ए सुरÚÑत आवास की ×यवÅथा करके उ½À¼ अवैध लशकाररयÁ से बचाया जाना चादÀए। A B C D [1] * 0000800000005 * , , šĄĿãŕéĢýĪĄşúĿĔįìĵČ šĘŎĨčŚœŝĂŁĿĶěĀİĆŀķ ŚĊêĊĪĊŚĊĚŊĪĺúêĺĪŊĊ DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN
Question paper, page 6
6 0549/01/F/M/25 © UCLES 2025 13 गºडÁ के स¾ंग की उपयोÙगता के बारे »¼ नाना Êकार की धारणाएँ Êचल¹त Àº। A B C D [1] 14 नर और »ािा गºडÁ »¼ कुछ स»ानता Àोने के साथ अंतर भ¾ Àै। A B C D [1] 15 गºडा धरत¾ और पान¾ िोनÁ »¼ रÀ सकता Àै। A B C D [1] [पूणाŢक 9] * 0000800000006 * , , šĆĿãŕéĢýĪĄşúĿēįëijČ šĘŏĨĐŔĻœĊĴİıûèŏĮİķ ŚĺŊĊĪĪŚĪŚĪĊĺĺêĚêúĊ DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN
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7 0549/01/F/M/25 © UCLES 2025 [Turn over BLANK PAGE * 0000800000007 * , , šĈĿãŕéĢýĪĄşúĿēıëijČ šĘŎĩĈŞĿŃęĮĻâŇĀóĮŀķ ŚĺŚŊêŊĺŊĪĺĺĺĺĊúĪĊĊ DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN
Question paper, page 8
8 0549/01/F/M/25 © UCLES 2025 अ®¯स 3: °±² 16–19 ‘घर स´ क¯म कर²¯ - सह¯®क ®¯ ब¯िक?’ क´ ब¯र´ मŦ न²Ŵ²ललखखत आल´ख को µ®¯²पूव¶क पदिए। आजक¹ घर से का» करना अथाÄत ऑकफस जाने की जगÀ घर »¼ ¹ैपटॉप आदि तकन¾की उपकरणÁ Øवारा का» करना Êचल¹त Àो गया Àै। यÀ À»ेशा सभ¾ के ल¹ए उपयुÛत नÀीं Àोता और इसकी अपन¾ चुनौनतयाँ भ¾ Àº। कुछ क»Äचारी घर से का» करने »¼ सÀजता का अनुभव करते Àº, और कुछ अपने कायÄ Åथ¹ पर वापस जाकर अपने कायाĹय की पÊय कुसÒ पर बैठने और अपने सÀकल»ÄयÁ से ल»¹ने के ल¹ए ¹ा¹ानयत रÀते Àº। कुछ ÅवतंÉ Üप से का» करने वा¹े À»ेशा से अपने घर »¼ कायाĹय बनाते रÀे Àº। वÌū पÀ¹े यूनान¾ िाशÄननक अरÅतू ने कÀा था, ‘»नुÆय Åवभाव से एक सा»ाजजक Êाण¾ Àै; जो ×यजÛत ग¹त¾ से नÀीं बजÈक Åवाभापवक Üप से असा»ाजजक Àै, वÀ या तो À»ारे जानने योÎय नÀीं Àै या अनत-»ानव Àै। स»ाज एक ऐस¾ च¾ज Àै जो ×यजÛत से पÀ¹े Àै।’ कायाĹय जाकर का» करने के स»थÄकÁ का »ानना Àै कक »नुÆय अके¹ा नÀीं रÀ सकता या यÀ कÀ¼ कक अके¹े कुश¹तापूवÄक और Êभाव¾ ढंग से का» नÀीं कर सकता। घर से का» करते स»य संचार »ाÐय» से सÀकल»ÄयÁ के साथ जुड़ने और ÊËयÑ Üप से आ»ने-सा»ने बैठ कर पवचार-पवनन»य करने की Êभावश¾¹ता »¼ अंतर उसकी उËपािकता और गुणवËता को Êभापवत कर सकता Àै। स»ान ¹ŵय और उŶेÂय के साथ एक कायाĹय »¼ सÀकल»ÄयÁ के साथ का» करना या अपने से वररÆठ अÙधकारी के साथ उËसाÀजनक बातच¾त करना, Êेरणािायक Àो सकता Àै। इस Êकार के वातावरण का घर »¼ अभाव रÀता Àै। घर से का» करने से स»ाज¾करण और संपकÄ Åथापपत करने के अवसर क» ल»¹ते Àº। ऐसा िेखा गया Àै कक ¹ंबे स»य के ल¹ए घर से का» करने वा¹े क»ÄचाररयÁ को कायाĹय »¼ जाकर का» करने वा¹Á की तु¹ना »¼ पिो½ननत के क» अवसर Êाàत Àुए। िूरÅथ क»Äचारी अनौपचाररक तरीके से तैयार Àोकर सुपवधानुसार का» शुÜ कर सकता Àै। का» पर जाने के ल¹ए यातायात के साधनÁ से Àोने वा¹े उËसजÄन से बचाव कर सकता Àै। यÀ सच Àै कक ऑकफस जाने के पररवÀन के ख़चÄ, आने-जाने का स»य और ऊजाÄ की बचत के साथ ×यजÛत अपन¾ सुपवधा और शतū के अनुसार का» करके घरे¹ू िानयËव और कायÄभार »¼ संतु¹न अवÂय बना सकता Àै। ¹ेककन, िूरÅथ क»Äचारी का» और ननज¾ ज¾वन के ब¾च की स¾»ा रेखा को बनाए नÀीं रख पाने के कारण अÙधक तनाव ¿Åत भ¾ Àो सकता Àै। ऑकफस से का» करने वा¹े के ल¹ए ऑकफस »¼ घरे¹ू जजŭ»ेिाररयÁ और घर »¼ ऑकफस की जजŭ»ेिाररयÁ से िूर अपने ×यजÛतगत ज¾वन और कायÄकारी ज¾वन के ब¾च Åवत: Àी पवभाजन बना रÀता Àै। एक Àज़ार अ»रीकी क»ÄचाररयÁ पर ककए गए सवŷÑण »¼ 32 Êनतशत क»ÄचाररयÁ का कÀना था कक िूरÅथ का» करते स»य टीव¾ िेखने का आकÌÄण और बÃचÁ या पा¹तू जानवर की िेखभा¹ करने की जजŭ»ेिारी बÀुत बड़¾ बाधा और उËपािकता »¼ क»¾ आने का कारण थ¾। इसके अनतररÛत, बड़े शÀरÁ »¼ छोटे Ÿ¹ैटÁ »¼ रÀने वा¹Á के ल¹ए घर »¼ पाररवाररक या आसपास के अ½य शोर से बचना और ऑकफस के ल¹ए सुपवधाजनक और उपयुÛत जगÀ बनाना संभव नÀीं Àो सकता। िूरÅथ क»Äचारी के ल¹ए घर »¼ कायाĹय जैस¾ का» करने की ×यवÅथा के साथ बबज¹ी के ¹गातार उपयोग से घरे¹ू बबज¹ी के ख़चÄ »¼ बढ़ोतरी से स»Åया Àो सकत¾ Àै। घर से का» करना काफ़ी Àि तक ÊौØयोÙगकी पर ननभÄर करता Àै, अंतजाĹ संबंध »¼ Õकावट आने से का» »¼ ×यवधान आना एक अनतररÛत गंभ¾र स»Åया Àै। तकन¾की »ुŶे एक बड़¾ चुनौत¾ Àो सकते Àº और नये उपकरण ख़रीिने के अनावÂयक ख़चÄ वÀन करना सबके ल¹ए संभव नÀीं Àो सकता। * 0000800000008 * , , šĆĿãŕéĢýĪĄşúĿĕįëĵČ šĘŎĦĈŘıŐČĬIJëéŜŕŞĨķ ŚêêŊĪŊĺêŊĚĪĺúĊŚĪúĊ DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN
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9 0549/01/F/M/25 © UCLES 2025 [Turn over कोई स¹ाÀ िेने वा¹ा सÀक»Ò न Àोने से िूरÅथ क»Äचारी आË»ननभÄर Àो जाता Àै। साथ Àी कुछ क»ÄचाररयÁ का कÀना Àै कक घर से का» करते स»य कायाĹय की राजन¾नत, आपस¾ गपशप और ÕकावटÁ से िूर रÀने के कारण वे अÙधक उËपािक Àोते Àº। पर घर से का» करने »¼ ल»¹ी ÅवतंÉता और ¹च¾¹ेपन के साथ Àी अके¹ापन और उसके कारण ÅवाÅŪय पर पड़ने वा¹े िुÆÊभाव भ¾ जुड़े Àº। बड़े शÀरÁ »¼ नौकरी के लस¹लस¹े »¼ अपने पररवार से िूर अके¹े रÀने वा¹े क»ÄचाररयÁ के ल¹ए यÀ एक Ùचंतन¾य स»Åया Àै। अके¹े का» करते स»य ¹गातार Ðयान क¼ दáत करना और का» »¼ ÕÙच बनाए रखना कदठन Àो सकता Àै। का» के Êनत एका¿ता के ल¹ए आवÂयक आË»ानुशासन सबके ल¹ए सÀज नÀीं Àोता। क»Äचारी का» के ब¾च अनावÂयक Üप से पवरा» ¹ेकर उËपािकता को Àानन पÀुँचा सकता Àै। साथ Àी सÀकल»ÄयÁ के ÊोËसाÀन के अभाव »¼ उËपािकता पर Êनतकू¹ Êभाव पड़ सकता Àै। * 0000800000009 * , , šĈĿãŕéĢýĪĄşúĿĕıëĵČ šĘŏħĐŚĭŠėĶĩĨŝńñŞĸķ ŚêúĊêĪŚĊĺĊĚĺúêĺêĊĊ DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN
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10 0549/01/F/M/25 © UCLES 2025 अ®¯स 3: °±² 16–19 ‘घर स´ क¯म कर²¯ - सह¯®क ®¯ ब¯िक?’ आल´ख क´ आि¯र पर ²ीच´ दिए िए °¸®´क शीʶक (16–19) क´ अंति¶त संźťŻत ²ोट ललखŦ। 8 [पूणाŢक 9] अ®¯स 4 मŦ आप आल´ख और अप²´ ²ोżस क´ आि¯र पर ‘घर स´ क¯म कर²¯ - सह¯®क ®¯ ब¯िक?’ शीʶक आल´ख क¯ स¯र¯ंश ललखŦि´। 16 कायाĹय »¼ का» करने के ननज¾ और कारोबारी ¹ाभ • … • … [2] 17 कायाĹय »¼ का» करने से संभापवत Àाननयाँ • … • … [2] 18 घर से का» के पयाÄवरण¾य Êभाव • … • … [2] 19 घर से का» करने से Àोने वा¹ी असुपवधाएँ • … • … • … [3] * 0000800000010 * , , šĆĿãŕéĢýĪĄşúĿĒįíijČ šĘőĦďŖĩIJĎĥĻŅąŚŁĆŀķ ŚŚĊĊĪŊĚêêŊĪúúĪŚĪĪĊ DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN
Question paper, page 11
11 0549/01/F/M/25 © UCLES 2025 [Turn over अ®¯स 4: °±² 20 अ®¯स 3 क´ आल´ख ‘घर स´ क¯म कर²¯ - सह¯®क ®¯ ब¯िक?’ मŦ क¯म कर²´ क´ िो तरीक· क¯ वण¶² है। अ®¯स 3 क´ आल´ख और अप²´ ब²¯ए ²ोżस क´ आि¯र पर िूरŽथ क¯®¶ और क¯®¶ Žथल मŦ ि¯ कर क¯म कर²´ क´ मुž® ल¯भ और ह¯न²®· की तुल²¯ कीजिए। आपका सारांश अÙधकत» 100 शſि· »¼ Àोना चादÀए। आप यथासंभव अप²´ शſि· »¼ ल¹ख¼। आपको अंतव¶Žतु क´ ललए अÙधकत» 4 अंक और सटीक एवं संźťŻत भ¯Ź¯-शैली क´ ललए अÙधकत» 6 अंक दिए जाएँगे। * 0000800000011 * , , šĈĿãŕéĢýĪĄşúĿĒıíijČ šĘŐħćŜĥĢĕĿİĎŁłąĆİķ ŚŚĚŊêĪúĊĚŚĚúúŊĺêŚĊ DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN
Question paper, page 12
12 0549/01/F/M/25 © UCLES 2025 … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … [10] [पूणाŢक 10] * 0000800000012 * , , šĆĿãŕéĢýĪĄşúĿĔįíĵČ šĘŐĨćŒijıĐĽĩćğæģöĸķ ŚĊĪŊĪĪúĪúúĊúĺŊĚêĪĊ DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN
Question paper, page 13
13 0549/01/F/M/25 © UCLES 2025 [Turn over अ®¯स 5: °±² 21 आप छुदƀ®· मŦ एक सम¯च¯र पƁ क´ क¯®¯¶ल® मŦ क¯म कर²¯ च¯हत´ हţ। सŴप¯िक क´ ²¯म आव´ि² भ´ि²´ क´ ललए एक ई-म´ल ललखŦ। आपक´ ई-म´ल मŦ न²Ŵ²ललखखत ब¯तŦ हो²ी च¯दहए: 1 आपकी शैÑखणक योÎयता 2 आप यÀ का» ÛयÁ करना चाÀते Àº 3 इस अनुभव से आपको Ûया ¹ाभ ल»¹ेगा। आपक¯ ई-म´ल लिभि 120 शſि· मŦ हो²¯ च¯दहए। आपको 3 अंक अंतव¶Žतु क´ ललए और 5 अंक सटीक भ¯Ź¯ एवं शैली के ल¹ए दिए जाएँगे। * 0000800000013 * , , šĈĿãŕéĢýĪĄşúĿĔıíĵČ šĘőĩďŠķŁēħIJŌģþğöĨķ ŚĊĺĊêŊĚŊĊêĺúĺĪúĪŚĊ DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN
Question paper, page 14
14 0549/01/F/M/25 © UCLES 2025 … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … [8] [पूणाŢक 8] * 0000800000014 * , , šĂĿãŕéĢýĪĄşúĿĕİêķČ šĘŐħĐŚĢĩąĭĿñćʼnēĦİķ ŚĪĺŊĪĪŚêêĚĺĺúêŚêêĊ DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN
Question paper, page 15
15 0549/01/F/M/25 © UCLES 2025 [Turn over अ®¯स 6: °±² 22 ‘श¯रीररक Žव¯ŽƂ® ही सुखी िीव² की कुंिी है।’ आप कÀाँ तक इस कथन से सÀ»त Àº? अपने पवचारÁ को स»झाते Àुए Åकू¹ पबÉका के ल¹ए अपना ¹ेख ¹गभग 200 शſि· »¼ ल¹खखए। आपका ¹ेख पवÌय से संबंÙधत जानकारी पर केज½áत Àोना चादÀए। ऊपर िी िई दटŻपखण®¯ँ आपक´ ल´ख² क´ ललए दिश¯ °ि¯² कर सकती हţ। इ²क´ म¯µ®म स´ आप अप²´ ववच¯र· को ववŽत¯र िीजिए। ल¹खखत ÊÅतुनत पर अंत¶वŽतु क´ ललए 8 अंक तक और सटीक भ¯Ź¯ शैली के ल¹ए भ¾ 8 अंक तक दिए जाएँगे। … … … … … … … … … … … … … … … … … सुखी िीव² क´ ललए क´ वल ²ीरोिी क¯®¯ आव±®क श¯रीररक Žव¯ŽƂ® क´ स¯थ आगथ¶क Žव¯ŽƂ® भी आव±®क * 0000800000015 * , , šĄĿãŕéĢýĪĄşúĿĕĮêķČ šĘőĦĈŘĦĹĞķĬĢĻšįĦŀķ ŚĪĪĊêŊĺĊĚĊĊĺúĊĺĪĚĊ DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN
Question paper, page 16
16 0549/01/F/M/25 © UCLES 2025 Permission to reproduce items where third-party owned material protected by copyright is included has been sought and cleared where possible. Every reasonable effort has been made by the publisher (UCLES) to trace copyright holders, but if any items requiring clearance have unwittingly been included, the publisher will be pleased to make amends at the earliest possible opportunity. To avoid the issue of disclosure of answer-related information to candidates, all copyright acknowledgements are reproduced online in the Cambridge Assessment International Education Copyright Acknowledgements Booklet. This is produced for each series of examinations and is freely available to download at www.cambridgeinternational.org after the live examination series. Cambridge Assessment International Education is part of Cambridge Assessment. Cambridge Assessment is the brand name of the University of Cambridge Local Examinations Syndicate (UCLES), which is a department of the University of Cambridge. … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … [16] [पूणाŢक 16] * 0000800000016 * , , šĂĿãŕéĢýĪĄşúĿēİêĹČ šĘőĩĈŞĸĺăĵĥīĝýđŖĨķ ŚúĚĊĪŊĺĪúĪĚĺĺĊĚĪêĊ DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN DO NOT WRITE IN THIS MARGIN
What you needed in this session
Cambridge’s own grade thresholds for 2025 Feb/March, Paper 1 · Variant 0. A higher threshold means an easier paper — the bar moves with how the cohort did.