Cambridge IGCSE Hindi as a Second Language 0549 — 2021 Feb/March Paper 1 · Variant 0

0549/10/F/M/21

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Question paper16 pages

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This document has 16 pages. Any blank pages are indicated. KI 207069/2 © UCLES 2021 [Turn over * 5 5 0 1 7 0 7 4 5 9 * HINDI AS A SECOND LANGUAGE 0549/01 Paper 1 Reading and Writing February/March 2021 2 hours You must answer on the question paper. No additional materials are needed. INSTRUCTIONS ● Answer all questions. ● Use a black or dark blue pen. ● Write your name, centre number and candidate number in the boxes at the top of the page. ● Write your answer to each question in the space provided. ● Do not use an erasable pen or correction fluid. ● Do not write on any bar codes. ● Dictionaries are not allowed. INFORMATION ● The total mark for this paper is 60. ● The number of marks for each question or part question is shown in brackets [ ]. Cambridge IGCSE™

Question paper, page 2

2 0549/01/F/M/21 © UCLES 2021 अभ्यास 1: प्रश्न 1-6 ‘सू््यदेव कया प्रशस्ति-गीति – कोणयाक्य’ आलेख को ध्या्नपूव्यक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के उत् तिर दीसिए। तेरहवीं शताब्दी में निरममित कोणाकमि मंद्र को पत्थर से बिी सूरमि-्ेव की प्रशस्त का गीत कहा जाता है। इसकी पररकलपिा बारह जोड़ी अलंकृत पदहरों और सात घोड़ों से खींचे जािे वाले ववशाल र्थ के रूप में की गई ्थी। पूवमि द्शा की ओर र्थ खींचते हुए सात घोड़े सपताह के सात द्ि और बारह जोड़ी पदहए वरमि के बारह मास के प्रतीक हैं। मंद्र के प्रवेश दवार पर हाथ्थरों को निरंत्रित करते हुए ववशाल रसंहों की पत्थर से बिी ्ो मूनतमिराँ हैं। रसंह आधरासतमक शस्त के और हा्थी सांसाररक समृत्ƨ के प्रतीक हैं। हाथ्थरों के िीचे ्बी सांसाररक शस्त और अज्ाि के प्रतीक के रूप में मािव मूनतमिराँ, रह ्मरण कराती हैं कक सांसाररक शस्त पर आधरासतमक शस्त और अज्ाि पर ज्ाि की ववजर होती है। कोणाकमि शब् सं्कृत के ‘कोण’ अ्थामित कोिा और ‘अकमि’ अ्थामित सूरमि की संथि से बिा है। एक ्ूसरदी ववचारिारा के अिुसार, अकमि क्ेरि में सूरमि ्ेव के पूजा-््थाि का िाम ‘कोणाकमि’ है। पौराणणक क्था के अिुसार, गरासुर िामक राक्स का वि करके अपिी ववजर का उतसव मिािे के रलए ववषणु भगवाि िे अपिा शंख जगनिा्थ पुरदी में, चक्र भुविेशवर में, ग्ा जरपुर में और पDŽा कोणाकमि में थगरारा ्था। कोणाकमि की खरानत आँखों को चकाचौंि कर ्ेिे वालदी अलौककक पाराण मूनतमिरों, श्ेष्ठ ््थापतर कला और उससे जुड़े मधरकालदीि उड़ीसा के सामासजक इनतहास के कारण है। जगनिा्थ पुरदी से 35 ककलोमीटर ्ूर बिा कोणाकमि मंद्र दहं्ुओं के ती्थमि-््थलों में प्रमुख मािा जाता ्था। मंद्र के तीि भाग हैं। ववमाि रा मुखर मंद्र में सूरमि ्ेव की मूनतमि प्रनतसष्ठत हैं, ्ूसरा भाग जगमोहि है जहाँ से लोग सूरमि ्ेव के ्शमि एवं पूजा करते ्थे और तीसरा भाग िृतरमंडप है। समुद्र तट पर बिा रह मंद्र प्राचीि काल में िाववकों के रलए उड़ीसा पहुँचिे के रलए मागमि्शमिक गुमब् का काम करता ्था। प्राचीि परमपरा के अिुसार रह मंद्र सूरमि ्ेव को समवपमित ्था। सूरयोपनिर् में सूरमि की प्रशस्त और उसकी पूजा के महतव का वणमि है। सजसके अिुसार सूरमि हदी सृसषट के अस्ततव का महतवपूणमि आिार है। मंद्र की एक अिू्ठी ववशेरता रह है कक संक्रानत के समर जब सूरमि आकाशीर भूमधररेखा को पार करता है त्था द्ि और रात एक बराबर हो जाते हैं तब सूरमि की ककरणें सीिे सूरमि-्ेव की मूनतमि पर केंदद्रत होती हैं। उस द्ि मंद्र में ्ेव-्शमि के रलए लोग ्ूर-्ूर से पहुँचते हैं।

Question paper, page 3

3 0549/01/F/M/21 © UCLES 2021 [Turn over 1 कोणाकमि का मंद्र ककस रूप में बिा है? … [1] 2 मंद्र के प्रवेश दवार पर बिी हा्थी की मूनतमिराँ ककस बात का प्रतीक हैं? … [1] 3 पौराणणक क्था के अिुसार ववषणु भगवाि िे अपिा कमल कोणाकमि में ्रों थगरारा ्था? … [1] 4 कोणाकमि मंद्र ्रों महतवपूणमि है, कोई दो कारण ्दीसजए। • … • … [2] 5 मंद्र के कौि से भाग में भ्त-जि भजि और कीतमि कर सकते ्थे? … … [1] 6 अिुच्े् के अिुसार सूरमि ्ेव के महतव के दो कारण रलखें। • … • … [2] [पूणाांक 8]

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4 0549/01/F/M/21 © UCLES 2021 अभ्यास 2: प्रश्न 7-15 ‘िलवया्ु पररवति्य्न और ग्ेटया थु्नबग्य’ के बयारे में छपे इस लेख को ध्या्न से पिें। प्रश्न 7 से 15 कया उत् तिर दे्ने के ललए उ्नके ्नीचे ढ़दए गए अ्नुचछेदों (A से D) में से सही अ्नुचछेद चु्न कर उसके सयाम्ने के कोष्ठक में सही कया न्नशया्न लगयाएँ। अ्नुचछेदों को एक से अधिक बयार चु्नया िया सकतिया है। A ्कूल में रमलदी जलवारु पररवतमि से होिे वाले ्ुषप्रभावों की रशक्ा िे आ्ठ साल की ्वीडडश बारलका, ग्ेटा के बाल-मि पर गहरदी ्ाप ्ोड़ी। ्ैनिक जीवि में त्बिा ज़रूरत त्बजलदी और पािी के उपरोग पर रोक लगािे की सीख वह ्वरं तो आजमाती हदी, अपिे माता-वपता को भी उसकी रा् द्लाती रहती ्थी। गरारह वरमि की उम्र में लमबी बीमारदी के कारण ग्ेटा साल भर तक ्कूल िहदीं जा सकी। अ्पताल के वॉडमि में लेटे-लेटे वह सोचती रहती ्थी कक हर कोई जलवारु पररवतमि की सम्रा के बारे में बातें तो करता है, पर रोक्थाम के रलए कु् ्रों िहदीं करता। ग्ेटा के रलए रह समझिा कद्ठि ्था कक ्ेखते-्ेखते प्रनत द्ि वि्पनत और वनर जीवों की 200 प्रजानतराँ लुपत होती जा रहदी हैं, पर ककसी को इसकी किक्र तक ्रों िहदीं! ्व््थ होकर घर आिे पर ग्ेटा िे ग्ीि हाउस गैस का उपरोग कम करिे की पहल अपिे घर से करिे का निशचर ककरा। B उसिे अपिे माता-वपता को रह अहसास द्लारा कक वे ्वरं जलवारु पररवतमि की सम्रा का एक बड़ा दह्सा हैं। अपिी जीवि शैलदी ब्ले त्बिा मािव के भववषर की सुरक्ा और खुशहालदी के रलए वे कु् भी िहदीं कर पाएँगे। इसके पहले कक सम्रा बढ़ती जाए और आिे वालदी पीढ़दी का भववषर अंिकारमर हो, ्ठोस क्म उ्ठािे की ज़रूरत है। ग्ेटा के ववचारों से प्रेररत होकर उसके माता वपता िे उसकी तरह हवाई रारिा ि करिे और मांसाहार के ब्ले शाकाहार करिे का निशचर ककरा। ग्ेटा रह ्ठीक से जािती ्थी कक एक वरस्त रा पररवार के हवाई रारिा ि करिे रा मांसाहर ि करिे से परामिवरण का संरक्ण िहदीं होिे वाला, लेककि उनहें ्ेख कर और बाकी लोग भी इस बारे में सकारातमक रूप से सोचिे के रलए प्रेररत होंगे। अपिे पररवार के सा्थ ्ूसरे पररवारों के जुड़िे के बा् उसे अपिी आवाज़ सरकार तक पहुँचािी ्थी। C अपिी आवाज़ सरकार तक पहुँचािे के रलए ग्ेटा िे ्ो सपताह तक ्कूल जािा बं् करके ्वीडि के संस् भवि के सामिे मौि हड़ताल करिे का अिू्ठा तरदीका अपिारा। शुरुआत में ककसी िे उस पर धराि िहदीं द्रा। पर उसकी लगि और दृढ़ता के कारण लोग उसके हा्थ से रलखे पचचे को पढ़िे के रलए खड़े होिे लगे, सजसमें उसिे रलखा ्था, ‘जब तक सरकार जलवारु पररवतमि की रोक्थाम के रलए कोई सकक्रर क्म िहदीं उ्ठाएगी, मैं ्कूल िहदीं जाऊँगी। कु् लोग कहते हैं कक मुझे पढ़-रलख कर अपिा भववषर बिािे के रलए ्कूल जािा चदहए। लेककि पढ़-रलख कर ्रा लाभ जब भववषर हदी िहदीं बचेगा? भववषर को तो बड़े लोग अपिे आराम्ेह जीवि के रलए िषट करिे पर तुले हुए हैं! वे अपिे बचचों से परार करिे का ्ावा करते हैं, लेककि वे उनहदीं का भववषर चुरा रहे हैं।... आिे वालदी पीढ़दी के अस्ततव को बचाए रखिे के रलए कोई बीच का रा्ता िहदीं हो सकता, रा हम सभरता की सुरक्ा करें रा उसे िषट होिे ्ें!’ D ग्ेटा अब अकेलदी िहदीं ्थी, उसके सहपाद्ठरों िे भी उसका सा्थ ्ेकर प्रनत शुक्रवार को संस् भवि के सामिे िरिा ्ेिा शुरू ककरा। िीरे-िीरे ्वीडि के बाहर के 270 ्ेशों के रुवक-रुवनतराँ आं्ोलि के सा्थ जुड़ कर सरकारदी िीनत ब्लिे के रलए जुट गए। आशचरमि की बात तो रह है कक उिके माता-वपता एवं रशक्ण सं््थाओं िे भी ्ारिों की ्कूल में अिुपस््थनत को ्वीकार ककरा। ग्ेटा ्थुिबगमि को जलवारु- सममेलि में संरु्त राषट्र में आमंत्रित ककरा गरा। ्ेश-वव्ेश के प्रनतनिथिरों को समबोथित करते हुए ग्ेटा िे जलवारु पररवतमि के संकट का सामिा करिे में राजिीनतज्ों की असफलता की बात करते हुए कहा, ‘वे काबमि बजट की बात करते हैं, पर काबमि बजट तो हम पहले हदी खचमि कर चुकें हैं अब तो हम आिे वालदी पीढ़दी के दह्से से उिार लेकर चल रहे हैं। आिे वालदी पीढ़दी के भववषर की सुरक्ा के रलए काबमि िुटवप्रंट को कम करिे की सज़ममे्ारदी सभी ्ेशों की है। हम बचचे रह कर रहे हैं ्रोंकक हमें हमारदी आशाएँ और सपिे वापस चादहए!’ ग्ेटा िे रह रसदि कर द्रा कक पररवतमि लािे के रलए कोई भी बहुत ्ोटा िहदीं होता। उसका दृढ़ ववशवास है कक जिशस्त के सहरोग से पररवतमि होकर हदी रहेगा।

Question paper, page 5

5 0549/01/F/M/21 © UCLES 2021 [Turn over ्नीचे ढ़दए गए वकतिव्ों (7-15) को पढ़िए तिथया कोष्ठक में सही कया न्नशया्न लगया कर बतियाइए कक कौ्न सया अ्नुचछेद ककस वकतिव् से समबबंधिति है। उदयाहरण: जलवारु-पररवतमि से होिे वाले िुकसाि के बारे में ग्ेटा को ्कूल में बतारा गरा ्था। A  B C D 7 ग्ेटा के माता-वपता िे उसका वरवहार ्ेख कर अपिी जीवि-शैलदी ब्लदी। A B C D [1] 8 जलवारु-पररवतमि से संभाववत हानि की तरि लोगों की उ्ासीिता ग्ेटा को अ्वीकार ्थी। A B C D [1] 9 परामिवरण के संरक्ण के रलए सबका प्रेररत होिा ज़रूरदी है। A B C D [1] 10 ग्ेटा के आं्ोलि का प्रभाव ्ुनिरा भर के ्ारिों और रुवाओं पर पड़ा। A B C D [1] 11 ग्ेटा का सोचिा ्था कक वतमिमाि पीढ़दी अपिी सुवविा के रलए आिे वालदी पीढ़दी को ्ाँव पर लगा रहदी है। A B C D [1] 12 स््थनत में पररवतमि लािे के रलए बड़ा होिा ज़रूरदी िहदीं है। A B C D [1] 13 ग्ेटा के अिुसार आ्तें ब्लिा जलवारु पररवतमि रोकिे के रलए सहदी द्शा में पहला क्म है। A B C D [1]

Question paper, page 6

6 0549/01/F/M/21 © UCLES 2021 14 भावी पीढ़दी की सुरक्ा के रलए कोई बीच का रा्ता िहदीं हो सकता। A B C D [1] 15 जलवारु पररवतमि से केवल मिुषर हदी िहदीं पशु-पक्ी और वि्पनत भी प्रभाववत हैं। A B C D [1] [पूणाांक 9]

Question paper, page 7

7 0549/01/F/M/21 © UCLES 2021 [Turn over BLANK PAGE

Question paper, page 8

8 0549/01/F/M/21 © UCLES 2021 अभ्यास 3: प्रश्न 16-19 ‘िगति-ियाल और सोशल मीडि्या’ के बयारे में न्नम्नललखखति आलेख को ध्या्नपूव्यक पढ़िए। सूचिा प्रसारण के माधरम में ब्लाव आिुनिक रुग की महत उपलसबिरों में होिे के सा्थ प्रगनत का सूचक है। प्रगनत जीववत रहिे की संज्ा है। सूचिा वह श्रि है जो समर के सा्थ हो रहे ब्लावों को पररभावरत करता है। ब्लाव के ्ौर में टदीवी, रेडडरो और अख़बार िीरे-िीरे सूचिा की मुखर िारा से ्ूर चले जा रहे हैं। इंटरिेट रा अंतजामिल दवारा उिके अस्ततव का अवमूलरि कर अपिी िाक जमा लेिा आिुनिक रुग की वा्तववकता है। अंतजामिल हज़ारों कमपरूटरों और िैटवककों का एक वैसशवक कमपरूटर िैटवकमि है जो ववववि प्रकार की सूचिा और संचार-सुवविाएँ प्र्ाि करता है। इस अƫुत तकिीक का आववषकार इंगलैंड के एक कमपरूटर इंजीनिरर, दटम बिमिसमि-लदी िे ककरा ्था। सि 1980 में रूरोप की नरूस्लरर ररसचमि सं््था में काम करते समर 25 वरषीर दटम के द्माग में अलग-अलग कमपरूटरों पर एकत्रित आँकड़ों रा डाटा को सवमिर के ज़रररे आपस में जोड़िे का ववचार आरा। इस ववचार को दटम िे सि 1989 में वलडमि वाइड वेब रा जगत-जाल के रूप में हक़ीक़त में ब्ल द्रा। तकिीक के क्ेरि में वलडमि वाइड वेब रा जगत-जाल एक चतुर रुस्त है सजसके दवारा हर वरस्त सजसके पास इंटरिेट संपकमि है कहदीं से भी और कभी भी सूचिा का आ्ाि-प्र्ाि कर सकता है। इसकी एक महतवपूणमि उपलसबि संचार की गनत को बढ़ािा है। जब दटम बिमिसमि-लदी िे अपिे काम की सहूरलरत के रलए इस तकिीक का आववषकार ककरा ्था, तब उनहोंिे शार् हदी सोचा होगा कक उिका रह आववषकार सूचिा के क्ेरि में इस क्र क्रांनत ला ्ेगा। पर हाँ, वे इस बात से भलदी भाँनत पररथचत ्थे कक माधरम भले हदी पररवनतमित होते रहें, इंसाि की अरभवरस्त करिे की इच्ा हमेशा बिी रहेगी। अपिे आववषकार से आथ्थमिक लाभ लेिे के बजार दटम िे इसका मुफ़त उपरोग करिे द्रा ताकक समाज के हर श्ेणी के लोग इसका लाभ उ्ठा सकें। सोशल मीडडरा इंटरिेट के माधरम से एक आभासी संसार (वचुमिअल वलडमि) बिाता है सजसका उपरोग करके सोशल मीडडरा के ककसी भी पलैटफॉममि से जुड़ा जा सकता है। आज के ्ौर में सोशल मीडडरा सज़ं्गी का एक अहम दह्सा बि चुका है। आज ववशव के पचास प्रनतशत से भी अथिक लोग इसका उपरोग करते हैं। रद् पूरे ववशव की बात ि करके केवल भारत की हदी बात करें तो भारत में अ्सी करोड़ से अथिक लोगों के पास मोबाइल िोि है। पढ़िा-रलखिा ि जाििे वाले लोग भी इंटरिेट पर सोशल मीडडरा से जुड़िा बख़ूबी जािते हैं। सोशल मीडडरा के ्ो पहलू हैं। सहदी तरह से ककरा जािे पर इसका उपरोग वतमिमाि काल में एक सकारातमक भूरमका अ्ा करता है। इसके ज़ररए ऐसे अिेक ववकासातमक कारमि हुए हैं सजससे ्ेशों की एकता और अखंडता की ््थापिा हुई है। जि-जीवि में सामासजक जागरूकता फैलािे में सोशल मीडडरा का प्रमुख अव्ाि रहा। लेककि इसके सा्थ हदी इसके ्ुरुपरोग की लंबी सूची है। आज हर िोि रखिे वाला वरस्त अपिे को परिकार मािता है। एक ऐसा परिकार जो अपिे ववचार वर्त करिे को तो ्वतंरि है, परंतु उस ्वतंरि ववचार की सज़ममे्ारदी लेिे को तैरार िहदीं। पररणाम है इंटरिेट पर िेक नरूज की बहुतारत! सोशल मीडडरा से जुड़िे की लत लग जािे पर उससे ्ुटकारा पािा सरल िहदीं। प्ररसƨ परिकार जो स्म्थ िे अपिी इस लत को एकाग्ता का शरिु और लेखि की सबसे बड़ी बािा कहा। जब भी वे कोई लेख रलखिा शुरू करती ्थीं मोबाइल पर आिे वाले संवा्ों की ‘दटक-दटक’ से ववचारों का तार टूट जाता और किर संवा् को पढ़िे की उतसुकता में धराि भंग होिे से लेख अिूरा हदी रह जाता। सोशल मीडडरा की गुलामी से मुस्त पािे के रलए जो स्म्थ िे ‘मोबाइल-मुस्त-द्वस’ मिािा शुरू ककरा। त्रिदटश कोलसमबरा ववशवववदरालर में ककए गए एक परदीक्ण के अिुसार रद् भोजि करते समर िोि पास में हो तो भोजि के ्वा् और सा्थ में भोजि करिे वाले वरस्त से वातामिलाप करिे पर धराि िहदीं जाता, पास में पड़े िोि पर आए संवा्ों को पढ़िे की बेचैिी भोजि और पर्पर वातामिलाप के रस का हरण कर लेती है।

Question paper, page 9

9 0549/01/F/M/21 © UCLES 2021 [Turn over जगत-जाल की संरचिा करते समर दटम िे इसके संभाववत ्ुरुपरोग से होिे वालदी हानि की कलपिा िहदीं की ्थी। उिकी पररकलपिा सूचिा बाँटिे के रलए एक सहरोगी सािि बिािे की ्थी। सि 2019 में जगत-जाल की तीसवीं वरमिगाँ्ठ मिाई गई। इस अवसर पर दटम बिमिसमि-लदी िे इसके अिैनतक और अवांन्त ्ुरुपरोगों के प्रनत आंतररक ख़े् वर्त करते हुए कहा, ‘जगत-जाल की सबसे बड़ी शस्त इसकी ववशवजिीिता है, रह गरदीब- अमीर और सबल-निबमिल सभी के रलए सुलभ है, लेककि मािवता की सेवा करिे में रह आज अिेक तरह से असिल है। तकिीक का ्ुरुपरोग बं् करिे के रलए कािूि बिािा आवशरक है।’

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10 0549/01/F/M/21 © UCLES 2021 अभ्यास 3: प्रश्न 16-19 ‘िगति-ियाल और सोशल मीडि्या’ आलेख के आियार पर ्नीचे ढ़दए गए प्रत््ेक शीर्यक (16 से 19) के अबंतिग्यति सबंक्षिपति ्नोट ललखें। 8 [पूणाांक 9] अभ्यास 4 में आप आलेख और अप्ने ्नोटस के आियार पर ‘िगति-ियाल और सोशल मीडि्या’ शीर्यक लेख कया सयारयाबंश ललखेंगे। 16 जगत-जाल की संकलपिा की ज़रूरत • … • … [2] 17 सोशल मीडडरा की पररभारा और प्रसार • … • … [2] 18 सोशल मीडडरा की उपरोथगता • … • … [2] 19 सोशल मीडडरा से संभाववत हानिराँ • … • … • … [3]

Question paper, page 11

11 0549/01/F/M/21 © UCLES 2021 [Turn over अभ्यास 4: प्रश्न 20 अभरास 3 के आलेख ‘जगत-जाल और सोशल मीडडरा’ में जगत-जाल के आववषकार से होिे वालदी सुवविा और सोशल मीडडरा के संभाववत ्ुषप्रभावों का वणमि है। अभरास 3 के आलेख और अपिे बिाए िोटस के आिार पर उसका सारांश रलखें। आपका सारांश 100 शबदों से अथिक िहदीं होिा चादहए। आप र्थासमभव अप्ने शबदों में रलखें। आपको अबंतिव्य्तिु के ललए अथिकतम 4 अंक और सटीक और सबंक्षिपति भयारया-शैली के ललए अथिकतम 6 अंक द्ए जाएंगे। िगति-ियाल और सोशल मीडि्या

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12 0549/01/F/M/21 © UCLES 2021 … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … [10] [पूणाांक 10]

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13 0549/01/F/M/21 © UCLES 2021 [Turn over अभ्यास 5: प्रश्न 21 अपिे ््थािीर अिा्थाश्म की सहारता करिे के रलए आप एक कारमिक्रम आरोसजत कर रहे / रहदी हैं। एक ््थािीर वरापारदी को ई-मेल दवारा आरोजि की सूचिा ्ेकर उसके रलए दटकट त्बक्री करिे में सहारता करिे का आग्ह करें। आपके ई-मेल में निमिरलणखत बातें ससममरलत होिी चादहए: • कारमिक्रम आरोजि का उƧेशर और वववरण • द्ि और समर • सहारता का आग्ह। आपकया ई-मेल लगभग 120 शबदों में हो्नया चयाढ़हए। आपको पता रलखिे की आवशरकता ्नहीबं है। आपको 3 अंक अंतवमि्तु के रलए और 5 अंक सटीक भारा और शैलदी के रलए द्ए जाएंगे।

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14 0549/01/F/M/21 © UCLES 2021 … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … [8] [पूणाांक 8]

Question paper, page 15

15 0549/01/F/M/21 © UCLES 2021 [Turn over अभ्यास 6: प्रश्न 22 ‘व्सकति कया ववकयास एकल पररवयार में ही सबंभव है, सबं्ुकति पररवयार में व्सकतिगति ्वतिबंत्रतिया कया ह्न्न हो ियातिया है।’ आप कहाँ तक इस मत से सहमत हैं? अपिे ववचारों को समझाते हुए ्कूल पत्रिका के रलए अपिा लेख लगभग 200 शब्ों में रलणखए। आपका लेख ववरर की जािकारदी पर केसनद्रत होिा चादहए। ऊपर दी गई ढ़टपपखण्याँ आपके लेख्न के ललए ढ़दशया प्रदया्न कर सकतिी हैं। इ्नके मयाध्म से आप अप्ने ववचयारों को वव्तियार दीसिए। ललखखति प्र्तिुनति पर अबंति्यव्तिु के ललए 8 अबंक तिक और सटीक भयारया के ललए भी 8 अबंक तिक ढ़दए ियाएँगे। … … … … … … … … … … … … … … … … … … एकल पररवार - हम ्ो और हमारे ्ो! ववकास के अवसर, ि बड़ों की जवाब्ेहदी और ि हदी सजममे्ारदी! संरु्त पररवार - सम्रा और संकट में सहारा! पार्पररक सहरोग और उनिनत के अवसर!

Question paper, page 16

16 0549/01/F/M/21 © UCLES 2021 … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … [16] [पूणाांक 16] Permission to reproduce items where third-party owned material protected by copyright is included has been sought and cleared where possible. Every reasonable effort has been made by the publisher (UCLES) to trace copyright holders, but if any items requiring clearance have unwittingly been included, the publisher will be pleased to make amends at the earliest possible opportunity. To avoid the issue of disclosure of answer-related information to candidates, all copyright acknowledgements are reproduced online in the Cambridge Assessment International Education Copyright Acknowledgements Booklet. This is produced for each series of examinations and is freely available to download at www.cambridgeinternational.org after the live examination series. Cambridge Assessment International Education is part of the Cambridge Assessment Group. Cambridge Assessment is the brand name of the University of Cambridge Local Examinations Syndicate (UCLES), which itself is a department of the University of Cambridge.