Cambridge IGCSE Hindi as a Second Language 0549 — 2020 Oct/Nov Paper 1 · Variant 0

0549/10/O/N/20

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Question paper16 pages

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This document has 16 pages. Blank pages are indicated. KI 187671/3 © UCLES 2020 [Turn over * 9 1 7 5 1 1 9 0 2 6 * HINDI AS A SECOND LANGUAGE 0549/01 Paper 1 Reading and Writing October/November 2020 2 hours You must answer on the question paper. No additional materials are needed. INSTRUCTIONS ● Answer all questions. ● Use a black or dark blue pen. ● Write your name, centre number and candidate number in the boxes at the top of the page. ● Write your answer to each question in the space provided. ● Do not use an erasable pen or correction fluid. ● Do not write on any bar codes. ● Dictionaries are not allowed. INFORMATION ● The total mark for this paper is 60. ● The number of marks for each question or part question is shown in brackets [ ]. Cambridge IGCSE™

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2 0549/01/O/N/20 © UCLES 2020 अभ्यास 1: प्रश्न 1–6 ‘मीतया चटर्जी’ आलेख को ध्या्नपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के उत् तर दीजर्ए। 17 वर्षीया मीता चटर्षी लंदन के एक माधयममक ववदयालय में ‘ए लेवल’ की छात्ा है। वह ए लेवल पूरा करने के बाद गणित और कम्पयूटर ववज्ान में डिग्ी हामिल करना चाहती है। उिके नाना-नानी कोलकाता के पाि कलयािी नगर में रहते हैं। वह वपछले िाल गमषी की छुǐ͠यों में अपने माता-वपता के िाथ अपने नाना-नानी िे ममलने गई थी। वहाँ उिकी र्ान-पहचान नानी के पड़ौि में रहने वाली लड़की, शोभना िे हुई। शोभना उिकी हम उम्र थी और उिी की तरह 12वीं कक्ा में पढ़ रही थी। एक ददन उिके िाथ अपने ववदयालय और पढ़ाई के ववर्यों में बातें करते िमय मीता को यह र्ान कर बहुत धकका लगा कक शोभना के िरकारी ववदयालय में कम्पयूटर-ववज्ान पढ़ाने के मलए कोई िुववधा नहीं थी। वह और उिके िहपाठी पुसतकालय में र्ाकर ककताबों िे पढ़ कर क्पयूदटंग िीखने की कोमशश कर रहे थे। परीक्ा ननकट थी जर्िकी वज़ह िे शोभना बहुत चचंनतत और परेशान थी। छुǐ͠याँ पूरी होने पर लंदन लौट कर मीता ने अपने कम्पयूटर-ववज्ान के मशक्क की मदद िे और कुछ ममत्ों के िाथ ममल कर एक कम्पयूटर-कोि-कैमप शुरू ककया। उिके अंतग्गत उिने कलयािी नगर में शोभना और उिके िाचथयों को कम्पयूटर-कोि बनाना मिखाना शुरू ककया। धीरे-धीरे पज्चम बंगाल के दूिरे गाँवों में छात्ों को इिकी ख़बर लगी और उििे कम्पयूटर िमबनधी िवाल पूछने वालों की लमबी कतार लगने लगी। अब तक वह 1800 छात्ों की िहायता कर चुकी है। अपनी परीक्ा की तैयारी करने के िमय उिने अपने िहपादठयों िे ममलकर सवयंिेवकों का एक दल बना मलया र्ो बारी-बारी िे इि प्रमशक्ि को र्ारी रखने में उिकी िहायता करते हैं। आधुननक काय्गकारी र्ीवन में िफलता पाने के मलए कम्पयूटर-ज्ान की आव्यकता को मीता अचछी तरह िे िमझती है। मीता के उदाहरि िे प्रेǐरत हो कर कलयािी नगर के कुछ छात् अब सवयं भी अपने आिपाि के गाँवों के बचचों को कम्पयूटर का उपयोग करना मिखा रहे हैं। अपने प्रयाि की िफलता िे उतिादहत होकर मीता ‘ए लेवेल’ पूरा करने के बाद लंदन के एक प्रवंचचत इलाके में ि्पताहांत में कम्पयूटर कलब शुरू करने वाली है। वह िमार् में िभी बचचों को अपनी क्मता को पूरी तरह िे उपलबध करने का िमान अविर ददलाने के मलए प्रनतबƨ है।

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3 0549/01/O/N/20 © UCLES 2020 [Turn over 1 मीता कलयािी नगर कयों गई थी? … [1] 2 मीता को वहाँ ककि बात िे दु:ख हुआ? … [1] 3 उिने छात्ों की िहायता करने के मलए कया कदम उठाया? … [1] 4 कम्पयूदटंग मिखाने के मलए मीता ने ककन दो वयजकतयों िे मदद ली? • … • … [2] 5 उिकी योर्ना िे कलयािी नगर के छात्ों पर पड़े दो िकारातमक प्रभावों के बारे में मलणखए। • … • … [2] 6 मीता लंदन में कम्पयूटर कलब कयों शुरू करना चाहती है? … [1] [पूिाांक 8]

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4 0549/01/O/N/20 © UCLES 2020 अभ्यास 2: प्रश्न 7–15 ‘उत् तर भयारत की एक झयाँकी - वरलल्म ज्मथ के सयाथ’ के बयारे में छपे इस लेख को ध्या्न से पिें। प्रश्न 7 से 15 कया उत् तर दे्ने के ललए उ्नके ्नीचे ढ़दए गए अ्नुचछेदों (A से D) में से सही अ्नुचछेद चु्न कर उसके सयाम्ने के कोष्ठक में सही कया न्नशया्न लगयाएँ। अ्नुचछेदों को एक से अधिक बयार चु्नया र्या सकतया है। A तारीख: 1–8 र्नवरी 2020 उत तर भारत के िुंदर और ऐनतहामिक शहरों के दश्गन का एक िुनहरा अविर! जर्िमें शाममल हैं भारत के तीन रमिीय ऐनतहामिक शहरों के पय्गटन। उत तर भारत के प्रमिƨ गोलिेन ट्ाएंगल – र्यपुर, ददलली और आगरा की सथल यात्ा के दौरान प्रमिƨ इनतहािकार और यात्ा-लेखक, ववमलयम जसमथ ववसततृत र्ानकारी देंगे। ववमलयम जसमथ इि यात्ा में ददलली िे शाममल होंगे और सथानीय इनतहाि के महतव की र्ानकारी देने के िाथ-िाथ दश्गनीय सथानों के सथापतय और िांसकतृनतक महतव पर प्रकाश िालेंगे। अपने लेखन और यात्ाओं के दौरान ववमलयम जसमथ को अनेक रोचक अनुभव हुए हैं और आशा है कक वे उनहें यात्त्यों के िाथ बाँट कर उनका ज्ानवध्गन और मनोरंर्न करेंगे। B ववमलयम जसमथ केजमरिर् वव्वववदयालय िे इनतहाि की डिग्ी हामिल करने के बाद वव्व-भ्रमि करने ननकले और िारी दुननया घूमने के बाद भारत में बि गए। वे 16वीं शताबदी के भारत की िंसकतृनत और इनतहाि पर शोध कर रहे हैं। भारत के िांसकतृनतक इनतहाि िे उनहें ख़ाि लगाव है और वहाँ के ववमभनन प्रदेशों की र्लवायु की ववववधता िे उनका कभी मन नहीं भरता। इन सथानों के वनय र्ीवन और वनसपनतयों में वे गहरी रुचच लेने लगे और यहाँ तक कक इनकी ववशेर्ताओं और महतव िे र्ुड़े ककसिे- कहाननयों का उनके पाि बड़ा भंिार भी है। वपछले कई वर्षों िे देश-दश्गन के अपने शौक को पूरा करने के िाथ अपनी सथानीय र्ानकारी का उपयोग करने के मलए वे यात्ा-ननददेशक बने। अपनी िमतृƨ ऐनतहामिक और िांसकतृनतक ववराित के बावज़ूद यह िारा इलाका वर्ा्ग और पानी के अभाव िे ग्सत रहा है। इिका िामना करने के मलए पानी के िंरक्ि और र्माव के मलए कई पारमपǐरक पƨनतयाँ अपनाई गईं जर्नकी वत्गमान युग में िाथ्गकता और बढ़ गई है। ववमलयम जसमथ की इन पारमपǐरक रीनतयों में भी ववशेर् रुचच है। उनके मलखे यात्ा िंसमरि अनेक भार्ाओं में अनूददत और पुरसकतृत हो चुके हैं। पय्गटन में उनका िाथ यात्ा के आननद में इज़ाफा करेगा। C यात्ा-क्रम: लंदन िे ददलली: हवाई यात्ा भारत की रार्धानी ददलली: आधुननक र्ीवन पƨनत और पुरातन का अभूतपूव्ग िजममश्रि! दश्गनीय सथान: चाँदनी चौक, रार्पथ, इंडिया गेट, िंिद भवन, रार्घाट, गाँधी-समारक, कुतुब मीनार, अक्रधाम मंददर, र्ंतर-मंतर, लाल ककला और पुरानी ददलली के बाज़ार र्हाँ हसतमशलप के उतकतृषट नमूने देखने और खरीदने का अविर। प्रमिƨ शताबदी रेल िे ददलली िे आगरा की यात्ा। 4000 वर््ग पुरानी पारमपǐरक िंसकतृनत और इनतहाि-पीठ - आगरा! दश्गनीय सथान: सथापतयकला के चरम उतकर््ग, वव्व धरोहर सथान तार्महल और दहंदू-इसलाम-सथापतय कला के मेलर्ोल िे बना फतेहपुर िीकरी, जर्िे शहंशाह अकबर ने दहंदुसतान की रार्धानी बनाया था। वातानुकूमलत िीलकि बि दवारा आगरा िे र्यपुर की यात्ा, माग्ग के प्राकतृनतक दृ्य देखने के अविर। गुलाबी शहर र्यपुर के शाही पैलेि होटल में दो रात त्बताने का अभूतपूव्ग अनुभव! ऐनतहामिक ककलों और महलों की पतृषठभूमम में िुनदर आभूर्ि भवय हसतमशलप, मभजत त-चचत्, रंगत्बरंगे पǐरधान देखने और ‘चोखी ढािी’ में पारमपǐरक रार्सथानी भोर्न, िंसकतृनत, लोक गीत तथा नतृतय कला िे पǐरचय के अविर।

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5 0549/01/O/N/20 © UCLES 2020 [Turn over D दटकट में शाममल है: लंदन िे ददलली का वापिी दटकट, दि ददन की यात्ा के रेल और वातानुकूमलत बि के दटकट, शाही पैलेि और 4 मितारा होटलों में रहने की वयवसथा, यात्ा के दौरान भोर्न, पेय और दश्गनीय सथानों के प्रवेश शुलक, प्रमिƨ इनतहािकार ववमलयम जसमथ की वाता्ग, ववमलयम जसमथ की यात्ा-िंसमरि-पुसतक उनके हसताक्र िदहत। शाममल नहीं है: अननवाय्ग वयजकतगत यात्ा-बीमा।

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6 0549/01/O/N/20 © UCLES 2020 ्नीचे ढ़दए गए रकतव्ों (7–15) को पढ़िए तथया कोष्ठक में सही कया न्नशया्न लगया कर बतयाइए कक कौ्न सया अ्नुचछेद (A–D) ककस रकतव् से समबबंधित है। उदयाहरण: प््वट्न की न्निया्वररत तयारीख 1–8 र््नररी 2020 है। A  B C D 7 ववमलयम जसमथ के यात्ा िंसमरि को पुरसकार ममल चुके हैं। A B C D [1] 8 ददलली में ऐनतहामिक और आधुननक िंसकतृनत एक िाथ देखने को ममलती है। A B C D [1] 9 यात्ा के दौरान र्ल-िंरक्ि के पुराने तरीकों की र्ानकारी ममलेगी। A B C D [1] 10 ववमलयम जसमथ यात्त्यों के िाथ अपने यात्ा के अनुभव बाटेंगे। A B C D [1] 11 यात्त्यों को अपनी यात्ा-बीमा का खच्ग सवयं उठाना होगा। A B C D [1] 12 रार्सथान की िंसकतृनत की र्ानकारी लोकगीतों िे ममलती है। A B C D [1] 13 र्यपुर की इमारतें गुलाबी रंग की हैं। A B C D [1]

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7 0549/01/O/N/20 © UCLES 2020 [Turn over 14 यात्त्यों को ऐनतहामिक िंग्हालय के प्रवेश शुलक अलग िे नहीं देने होंगे। A B C D [1] 15 ववमलयम जसमथ को भारत के ऐनतहामिक सथानों की बहुत र्ानकारी है। A B C D [1] [पूिाांक 9]

Question paper, page 8

8 0549/01/O/N/20 © UCLES 2020 अभ्यास 3: प्रश्न 16–19 ‘भयार्नयात्मक मेिया’ के बयारे में न्नम्नललखखत आलेख को ध्या्नपूर्वक पढ़िए। मानव मजसतषक के बायीं ओर के भाग को बुत्ƨमत्ा तथा तकनीकी ज्ान और दायें भाग को भावनातमक मेधा का क्ेत् माना र्ाता है। र्ीवन के हर क्ेत् में िफलता पाने के मलए इंटेमलर्ेंट कोशेंट अथा्गत बुत्ƨ-परीक्ा- अंक के िाथ इमोशनल इंटेमलर्ेंि अथा्गत भावनातमक मेधा को ववकमित करना आव्यक है। मशक्ा िंसथाओं में ववदयाचथ्गयों के बौत्ƨक सतर (बाँए ओर के मजसतषक) को ववकमित ककया र्ाता है र्ो बाहय र्गत िे ही िरोकार रखता है। परंतु मजसतषक के दादहने ओर का भाग अतयंत महतवपूि्ग होता है र्ो मनुषय के भावनातमक पक् वाला होता है (प्राय: इिे हृदय की िंज्ा दी र्ाती है)। बीिवीं िदी के अंत में मैनेर्मेंट के वैज्ाननक शोध िे प्रमाणित हुआ है कक काय्गक्ेत् में 80% िफलता उन लोगों को ममली है र्ो दूिरों को िमझने की कला र्ानते हैं और केवल 20% िफलता तकनीकी योगयता वाले वयजकतयों को ममली है। भावनातमक मेधा लोगों िे वयवहार का ववज्ान है और वह हमारे मलए अतयंत महतवपूि्ग है कयोंकक इिके आधार पर ही हमारी िफलता या अिफलता दटकी रहती है। भावनातमक मेधा हमारी उि क्मता को दशा्गता है जर्िके तहत हम अपनी भावनाओं के िाथ-िाथ दूिरों की भावनाओं को िमझ पाते हैं और उनके िाथ िकारातमक वयवहार करके सवसथ िमबनध सथावपत करने में िफल होते हैं। भावनातमक मेधा के ववकाि िे वयजकत का दृजषटकोि वयापक होता है, लोगों के िाथ आपिी िमबनध और वयवहार में िुधार आता है। मानमिक कुंठा दूर होती है, वयजकत आतमवव्लेर्क बनता है जर्िके तहत वह कुशलता पूव्गक अपना काय्ग िमपनन करता है। यह वयजकत को अचछे और बुरे का वववेक करना और अचछे के िाथ रहना मिखाती है। प्रमिƨ मनोवैज्ाननक िेननयल गोलमेन के अनुिार भावनातमक मेधा सवयं के प्रनत र्ागरूकता, ननयंत्ि, िंवेदनशीलता और िामाजर्क दक्ता मिखाती है। फलसवरूप हम काय्गक्ेत् में आने वाली र्दटल बाधाओं को लाँघ र्ाते हैं तथा अपने ननर्ी र्ीवन में भी िफ़ल नेततृतव का पǐरचय देते हैं। प्रमिƨ दहंदू दाश्गननक और िनयािी सवामी वववेकाननद में भावनातमक मेधा बहुतायत में थी। उनके अनुिार दूिरों िे वयवहार करने की योगयता ही िबिे महतवपूि्ग कला है, ‘बुत्ƨ की ननतांत आव्यकता है कयोंकक इिके अभाव में हम बड़ी अपǐरपकव भूलें कर िकते हैं। पर िचची िहायता तो हृदय िे आती है। कया तुम अनय लोगों के बारे में िंवेदनशील हो? यदद ऐिा नहीं है तो तुम एक शुषक बुत्ƨर्ीवी बन कर रह र्ाओगे और कुछ नहीं। यदद तुम अनुभव कर िकते हो तो एक भी पुसतक त्बना पढ़े और ककिी भार्ा का ज्ान न होने पर भी तुम िही माग्ग पर रहोगे।’ सवयं के प्रनत र्ागरूकता िे तातपय्ग अपने वयवहार का वव्लेर्ि करते हुए अपनी ग़लती को पहचान कर उिमें िुधार करना है। वववेकाननद भावनातमक मेधा के आदश्ग हैं। वे अपनी ग़लनतयों को नकार कर एक झूठी प्रनतषठा के अहिाि में नहीं र्ीते थे, वरन उनमें अपनी ग़लनतयों का िामना करने का एक ववलक्ि तरीका था। एक बार र्ब वे पा्चातय देशों की यात्ा करके भारत लौटे, लोगों ने उनका अभूतपूव्ग सवागत ककया। ककंतु कुछ लोग ऐिे भी थे र्ो उनका सवागत करने के ववरोधी थे। र्ब वे चेननई पहुँचे तो एक पज्ित ने उनिे कहा कक केवल रिाहमि को ही िनयािी बनने का अचधकार है इिमलए रिाहमि न होने के कारि उनहें यह अचधकार नहीं है। वे इि बात िे बहुत ववचमलत हुए और इि बात पर उन दोनों में तीव्र वववाद हुआ। कुछ ददनों बाद उनके एक अनुयायी ने उनिे पूछा कक कया यह िच है कक आपको जर्ि पज्ित ने ‘असपतृ्य’ कहा था आपने उिे र्वाब ददया था कक र्ो उनहें ऐिा कह रहा है ‘वह मलेचछों में भी िबिे बड़ा मलेचछ है।’ वववेकाननद ने र्वाब ददया कक क्रोध में आकर उनहोंने र्ो अपशबद कहे थे, वे िव्गथा अनुचचत थे और उनहें इि बात का बहुत खेद है। अपने क्रोध को वश में न कर िकने के अनुभव िे उनहोंने कदठन आलोचना िुनकर भी अववचमलत रहना िीखा र्ो एक भावनातमक मेधा िमपनन वयजकत ही कर िकता है।

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9 0549/01/O/N/20 © UCLES 2020 [Turn over अभ्यास 3: प्रश्न 16–19 ‘भयार्नयात्मक मेिया’ आलेख के आियार पर ्नीचे ढ़दए गए प्रत््ेक शीर्वक (16 से 19) के अबंतग्वत सबंक्षिपत ्नोट ललखें। 8 [पूिाांक 9] अभ्यास 4 में आप आलेख और अप्ने ्नोटस के आियार पर ‘भयार्नयात्मक मेिया’ शीर्वक लेख कया सयारयाबंश ललखेंगे। 16 बुत्ƨ-परीक्ा-अंक और भावनातमक मेधा का अंतर • … • … [2] 17 भावनातमक मेधा की पǐरभार्ा और दो प्रभाव • … • … • … [3] 18 सवामी वववेकाननद की ती्न मानयताएँ • … • … • … [3] 19 सवामी वववेकानंद की भावनातमक र्ागरूकता का उदाहरि • … [1]

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10 0549/01/O/N/20 © UCLES 2020 अभ्यास 4: प्रश्न 20 अभ्यास 3 के ‘भावनातमक मेधा’ आलेख में भावनातमक मेधा की वयाखया और र्ीवन में िफलता प्रा्पत करने के मलए उिके योगदान का वि्गन है। अभ्यास 3 के आलेख और अपने बनाए नोटि के आधार पर उिका िारांश मलखें। आपका िारांश 100 शबदों िे अचधक नहीं होना चादहए। आप यथािंभव अप्ने शबदों में मलखें। आपको अबंतर्व्तु के ललए अचधकतम 4 अंक और सटीक और सबंक्षिपत भयारया-शैली के ललए अचधकतम 6 अंक ददए र्ाएंगे। भयार्नयात्मक मेिया: पररभयारया और महत्र

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11 0549/01/O/N/20 © UCLES 2020 [Turn over … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … [10] [पूिाांक 10]

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12 0549/01/O/N/20 © UCLES 2020 अभ्यास 5: प्रश्न 21 आप एक ममत् की 16वीं वर््गाँठ के आयोर्न में आमंत्त्त ककए गए / गई हैं। अपने ममत् को ई-मेल दवारा िूचचत करें कक असवसथ होने के कारि आप उनके र्नमददन के उतिव में भाग नहीं ले िकेंगे / िकेंगी। आपके ई-मेल में ननमनमलणखत बातें िजमममलत होनी चादहए: • आमंत्ि के मलए धनयवाद • भाग न ले पाने के कारि और ननराशा • ममत् को र्नमददन की शुभकामना। आपकया इ-मेल लगभग 120 शबदों में हो्नया चयाढ़हए। आपको पता मलखने की आव्यकता ्नहीबं है। आपको 3 अंक अंतव्गसतु के मलए और 5 अंक सटीक भार्ा और शैली के मलए ददए र्ाएंगे।

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13 0549/01/O/N/20 © UCLES 2020 [Turn over … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … [8] [पूिाांक 8]

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14 0549/01/O/N/20 © UCLES 2020 अभ्यास 6: प्रश्न 22 सोशल मीडि्या ्ने दूर-सबंरयाद के ्न्े रया्ते खोल्ने के सयाथ-सयाथ प्रत््षि-सबंरयाद की आत्मी्तया को हयान्न पहुँचयाई है। आप कहाँ तक इि मत िे िहमत हैं? अपने ववचारों को िमझाते हुए सकूल पत्त्का के मलए अपना लेख लगभग 200 शबदों में मलजखए। आपका लेख ववर्य की र्ानकारी पर केजनरित होना चादहए। ऊपर दी गई ढ़टपपखण्याँ आपके लेख्न के ललए ढ़दशया प्रदया्न कर सकती हैं। इ्नके मयाध्म से आप अप्ने वरचयारों को वर्तयार दीजर्ए। ललखखत प्र्तुनत पर अबंत्वर्तु के ललए 8 अबंक तक और सटीक भयारया के ललए भी 8 अबंक तक ढ़दए र्याएबंगे। … … … … … … … … … … … … … … … … … … िोशल मीडिया दवारा हम िंिार के ककिी भी कोने में लोगों िे र्ुड़ िकते हैं... िोशल मीडिया में वयसत होकर हम आमने-िामने बातचीत करने की कला भूलते र्ा रहे हैं...

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15 0549/01/O/N/20 © UCLES 2020 [Turn over … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … … [16] [पूिाांक 16]

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16 0549/01/O/N/20 © UCLES 2020 Permission to reproduce items where third-party owned material protected by copyright is included has been sought and cleared where possible. Every reasonable effort has been made by the publisher (UCLES) to trace copyright holders, but if any items requiring clearance have unwittingly been included, the publisher will be pleased to make amends at the earliest possible opportunity. To avoid the issue of disclosure of answer-related information to candidates, all copyright acknowledgements are reproduced online in the Cambridge Assessment International Education Copyright Acknowledgements Booklet. This is produced for each series of examinations and is freely available to download at www.cambridgeinternational.org after the live examination series. Cambridge Assessment International Education is part of the Cambridge Assessment Group. Cambridge Assessment is the brand name of the University of Cambridge Local Examinations Syndicate (UCLES), which itself is a department of the University of Cambridge. BLANK PAGE