Cambridge A Level Hindi (A Level only) 9687 — 2018 Oct/Nov Paper 4 · Variant 0

9687/40/O/N/18

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Question paper, page 1

* 6 1 6 1 3 7 1 9 8 5 * This document consists of 6 printed pages, 2 blank pages and 1 Insert. KI 151956/2 © UCLES 2018 [Turn over Cambridge International Examinations Cambridge International Advanced Level HINDI 9687/04 Paper 4 Texts October/November 2018 2 hours 30 minutes No Additional Materials are required. READ THESE INSTRUCTIONS FIRST An answer booklet is provided inside this question paper. You should follow the instructions on the front cover of the answer booklet. If you need additional answer paper ask the invigilator for a continuation booklet. Answer any three questions, each on a different text. You must choose one question from Section 1, one question from Section 2 and one other. Write your answers in Hindi. Dictionaries are not permitted. You may not take set texts into the examination. You should write between 500 and 600 words for each answer. All questions in this paper carry equal marks. पहले इन ननर्देशों को पढ़िए: इस प्रư-पत्र के भीतर उत्तर-पुस्तका दी गई है। उत्तर-पुस्तका के मुख-पृƵ पर लिखे निददेशों का अिुसरण करें। यदद आपको अनतररƠ उत्तर-पुस्तका चादहए तो निरीक्षक से माँग िें। ककनहीीं तीन प्रưों के उत्तर दीसिए, प्रतयेक प्रư लभनि-लभनि पाठय-पु्तक से चुिे िािे चादहए। भाग 1 से एक प्रư, भाग 2 से एक प्रư करिा अनिवाय्य है। और एक अन्य प्रư ककसी भी भाग से चुिा िा सकता है। अपिे उत्तर ढ़हनर्दी में लिखें। शबदकोश का प्रयोग मिा है। आप परीक्षा में निरा्यररत पाठय-पु्तक नहदीं िे िा सकते हैं। अापका प्रतयेक उत्तर 500 से 600 शबदों के बीच सिखा िािा चादहए। इस प्रư-पत्र के सभी प्रưों के अींक एक समाि हैं।

Question paper, page 2

2 9687/04/O/N/18 © UCLES 2018 Question Part 1 1 ai aii उत्तर-पुस्तका का ननर्देश: उत्तर-पुस्तका के मुख-पृƵ पर खािी खािों को भरें। गहरे िीिे या कािे रींग की ्याही से लिखें। ककसी भी बारकोड के ऊपर ि लिखें। अपिे उत्तर उत्तर-पुस्तका में लिखें। पृƵ के दोिों तरफ लिखें। कृपया प्रतयेक प्रư के उत्तर और दूसरे उत्तर के बीच दो पींदƠयाँ खािी छोड़ें। सिस प्रư का उत्तर लिख रहे हैं उसकी प्रư-सींखया पहिे हालशये में लिखें। आप सिस प्रư का उत्तर लिख रहे हैं, यदद उसके कई भाग हैं, उदाहरण के लिए 1(a), उस भाग को हालशये के दूसरे भाग में लिखें। यदद आपिे अनतररƠ उत्तर-पुस्तका का उपयोग ककया है तो उसे अपिी उत्तर-पुस्तका के साथ िगा दें।

Question paper, page 3

3 9687/04/O/N/18 © UCLES 2018 [Turn over BLANK PAGE

Question paper, page 4

4 9687/04/O/N/18 © UCLES 2018 भाग 1 1 सूरसागर सार - सूरर्ास और श्ी रामचररतमानस - तुलसीर्ास प्रư (a) और (b) में से केवल एक प्रư का उत्तर दीसिए। (a) बैठेउ सभाँ खबरर अलस पाई। लसींरु पार सेिा सब आई।। बूझेलस सचचव उचचत मत कहहू। ते सब हँसे मƴ करर रहहू।। सितेहु सुरासर तब श्रम िाहीीं। िर बािर केदह िेखे माहीीं।। सचचव बैद गुर तीनि िौं प्प्रय बोिदहीं भय आस। राि रम्य ति तीनि कर होइ बेचगहीीं िास।।37।। सोइ रावि कहुँ बिी सहाई। अ्तुनत करदहीं सुिाइ सुिाई।। अवसर िानि बबभीषिु आवा। भ्ाता चरि सीसु तेदहीं िावा।। पुनि लसरु िाइ बैठ निि आसि। बोिा बचि पाइ अिुसासि।। िौ कृपाि पूँनछहु मोदह बाता। मनत अिुरूप कहउँ दहत ताता।। िो आपि चाहै कलयािा। सुिसु सुमनत सुभ गनत सुख िािा।। सो परिारर लििार गोसाईं। तिउ चउचथ के चींद कक िाईं।। चौदह भुवि एक पनत होई। भूतद्ोह नतƴइ िदहीं सोई।। गुि सागर िागर िर िोऊ। अिप िोभ भि कहइ ि कोऊ।। काम क्ोर मद िोभ सब िाथ िरक के पींथ। सब पररहरर रघुबीरदह भिहु भिदहीं िेदह सींत।। सुींदरकाणड ।।38।। उपयु्यƠ उƨरण की सींदभ्य सदहत वयाखया करते हुए उसमें निदहत िैनतक सींदेश की वत्यमाि युग में प्रासींचगकता पर अपिे प्वचार लिखखए। [25] ्या (b) सूरसागर सार से पाठयक्म में निरा्यररत पदों के उदाहरण सदहत सूरदास की भदƠ-भाविा की प्ववेचिा कीसिए। [25]

Question paper, page 5

5 9687/04/O/N/18 © UCLES 2018 [Turn over 2 प्रसार्, ननराला, महार्ेवी, पंत की श्ेƵ रचनाएँ प्रư (a) और (b) में से केवल एक प्रư का उत्तर दीसिए। (a) ्िेह- निझ्यर बह गया है; रेत जयों ति रह गया है। आम की यह डाि िो सूखी ददखी, कह रही है-‘‘अब यहाँ प्पक या लशखी िहीीं आते; पींदƠ मैं वह हूँ लिखी िहीीं सिसका अथ्य-’’ िीवि दह गया है। ददये हैं मैंिे िगत को फूि - फि, ककया है अपिी प्रभा से चककत - चि; पर अिƳर था सकि पलिप्वत पि- ठाट िीवि का वही िो ढह गया है। अब िहीीं आती पुलिि पर प्प्रयतमा, शयाम तृण पर बैठिे को निरुपमा। बह रही है हृदय पर केवि अमा; मै अिक्क्षत हूँ; यही कप्व कह गया है। ्िेह-निझ्यर बह गया उपयु्यƠ कप्वता की सप्रसींग वयाखया करते हुए लिखखए कक यह कप्व की आींतररक सींवेदिा की अलभवयदƠ में कहाँ तक सक्षम है? [25] ्या (b) पाठयक्म में निरा्यररत ियशींकर प्रसाद की कप्वताओीं के आरार पर छायावाद की प्वशेषताओीं का वण्यि कीसिए। [25]

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6 9687/04/O/N/18 © UCLES 2018 3 मैथिलदीशरण गुƯ - भारत-भारती प्रư (a) और (b) में से केवल एक प्रư का उत्तर दीसिए। (a) हे भाइयो! सोये बहुत, अब तो उठो, िागो अहो! देखो िरा अपिी दशा, आि्य को तयागो अहो! कुछ पार है, कया कया समय के उिट-फेर ि हो चुके! अब भी सिग होंगे ि कया? सव्य्व तो हो खो चुके।।14।। प्राचीि हों कक िवीि छोड़ो रूदियाँ िो हों बुरी, बिकर प्ववेकी तुम ददखाओ हींस िैसी चातुरी। प्राचीि बातें ही भिी हैं, यह प्वचार अिीक है; िैसी अव्था हो िहाँ वैसी वयव्था ठीक है।।38।। सव्यत्र एक अपूव्य युग का हो रहा सींचार है, देखो, ददिोंददि बि रहा प्वज्ाि का प्व्तार है; अब तो उठो, कया पड़ रहे हो वयथ्य सोच-प्वचार में? सुख दूर, िीिा भी कदठि है श्रम बबिा सींसार में।।39।। भप्वषयत् खणड उपयु्यƠ कावयाींश की सप्रसींग वयाखया करते हुए भप्वषयत् खणड की मूि सींवेदिा पर दटपपणी कीसिए। [25] ्या (b) ‘यह बात मािी हुई है कक भारत की पूव्य और वत्यमाि दशा में बड़ा भारी वैपरीतय है।’ मैचथिीशरण गुƯ के इस कथि की वयाखया अतीत खणड और वत्यमाि खणड के पाठयाींशों के आरार पर कीसिए। [25]

Question paper, page 7

7 9687/04/O/N/18 © UCLES 2018 भाग 2 4 आधे-अधूरे - मोहन राकेश प्रư (a) और (b) में से केवल एक प्रư का उत्तर दीसिए। (a) ‘आरे-अरूरे’ िाटक के पात्र िीवि के अरूरेपि की त्रासदी को ्वीकार ि कर पािे, असींतोष और िकारातमक सोच को ककस प्रकार से चचबत्रत करते हैं? [25] ्या (b) ‘आरे-अरूरे’ िाटक की कथाव्तु के प्वƲेषण Ʈारा उसके शीष्यक की साथ्यकता पर अपिे प्वचार लिखखए। [25] 5 आधुननक कहानी संग्रह - सरोसिनी शमामा प्रư (a) और (b) में से केवल एक प्रư का उत्तर दीसिए। (a) प्रेमचींद की कहािी ‘पूस की रात’ के हलकू का चररत्र चचत्रण कीसिए। [25] ्या (b) मृणाि पाणडेय की ‘दुघ्यटिा’ कहािी के कथािक का प्वƲेषण करके उसकी मूि सींवेदिा पर प्रकाश डालिए। [25] 6 मॉररशसी्य ढ़हंर्दी कहानन्याँ - समपार्क: अभभमन्यु अनत प्रư (a) और (b) में से केवल एक प्रư का उत्तर दीसिए। (a) ‘चककर’ कहािी में महेश सियावि िे ककस सामासिक सम्या का चचत्रण ककया है? [25] ्या (b) अलभमनयु अित की ‘टूटा पदहया’ कहािी का कथालशलप की कसौटी पर मूलयाींकि कीसिए। [25]

Question paper, page 8

8 9687/04/O/N/18 © UCLES 2018 Permission to reproduce items where third-party owned material protected by copyright is included has been sought and cleared where possible. Every reasonable effort has been made by the publisher (UCLES) to trace copyright holders, but if any items requiring clearance have unwittingly been included, the publisher will be pleased to make amends at the earliest possible opportunity. To avoid the issue of disclosure of answer-related information to candidates, all copyright acknowledgements are reproduced online in the Cambridge International Examinations Copyright Acknowledgements Booklet. This is produced for each series of examinations and is freely available to download at www.cie.org.uk after the live examination series. Cambridge International Examinations is part of the Cambridge Assessment Group. Cambridge Assessment is the brand name of University of Cambridge Local Examinations Syndicate (UCLES), which is itself a department of the University of Cambridge. BLANK PAGE